Monday , 18 November 2019

मध्यप्रदेश

इंजीनियिंग छात्र का सिर धड़ से हो गया था अलग, हत्या या हादसे को लेकर उलझी गुत्थी

Loading... कॉलेज से फ्रेशर पार्टी कर दोस्त के घर सोने जा रहे बीई के छात्र की कार कैंसर पहाड़ी रोड से नीचे खाई में पड़ी मिली। कार में चालक के पीछे वाली सीट पर बैठे छात्र का धड़ कार के …

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राहुल गांधी बोले : किसान हक की लड़ाई लड़े तो जेल जाता है

मध्यप्रदेश चुनाव के ऐलान से पहले ने ही सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश की जा रही है। भाजपा के साथ ही कांग्रेस भी एमपी चुनाव में जीत के लिए पूरा जोर लगा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज मुरैना पहुंचे हैं। वो यहां एकता परिषद के सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान वो किसानों और आदिवासियों को संबोधित करेंगे। ADVERTISING inRead invented by Teads राहुल गांधी ने यहां किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, "जब हम सत्ता में थे तो हमने किसानों, आदिवासियों और दलितों को अधिकार दिए। लेकिन आज सरकार 10-15 उद्योगपतियों को हजारों एकड़ जमीन ऐसे ही दे रही है। वहीं राहुल गांधी ने भूमि अधिग्रहण कानून का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि, 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून हम लाए थे। इसमें हमने प्रावधान किया था, किसानों से ही पूछकर जमीन ली जाएगी। इसके लिए किसानों को जमीन की बाजार भाव से चार गुना कीमत दी जाएगी।" कमलनाथ ने कहा : चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट को भ्रमित कर रहा यह भी पढ़ें राहुल गांधी ने यहां नीरव मोदी के सहारे केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने विजय माल्या का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि, "विजय माल्या बैंकों का 10 हजार करोड़ लेकर भाग गया। भागने से पहले उसने वित्त मंत्री अरूण जेटली से मुलाकात की थी। लेकिन जानकारी होने के बाद भी उन्होंने पुलिस को नहीं बताया।" राहुल गांधी ने यहां भी राफेल डील की बात उठाई। उन्होंने पीएम पर आरोप लगाए कि उन्होंने फ्रांस से कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव कराए और ये डील अनिल अंबानी की कंपनी को दिलाई। दिन भर ढूंढते रहे बाघ के निशान, लोगों को फोटो दिखाई तो निकला ऐसा जानवर यह भी पढ़ें राहुल गांधी चंबल के अलावा महाकौशल क्षेत्र में भी दौरा करेंगे। वो शाम को जबलपुर जाएंगे। यहां ग्वारीघाट में पूजा करने के बाद वो शाम को रोड शो करेंगे।

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दफ्तर पहुंचने में हुई देरी तो गढ़ दी ऐसी कहानी, लेकिन पकड़ा गया झूठ

एक युवती को सड़क पर घूमते देख कलेक्टोरेट का चपरासी कार्यालय लेकर आ गया। ऑफिस आने में लेट हुआ तो अफसरों से कहा 'युवती को आवारा लड़कों से बचाया है।" अफसरों ने चपरासी की पीठ थपथपाई और पुलिस में केस दर्ज करवा दिया। दूसरे दिन बयान हुए तो चपरासी मुकर गया। रावजी बाजार पुलिस ने गुरुवार दोपहर छत्रपति शिवाजीनगर निवासी सुरेश वैष्णव की शिकायत पर 4 अज्ञात युवकों पर छेड़छाड़ की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। वैष्णव ने बताया कि वह कलेक्टोरेट में चपरासी है। ADVERTISING inRead invented by Teads बुधवार सुबह ऑफिस जा रहा था। उसने केसरबाग रोड पर 4 युवकों को एक युवती से छेड़छाड़ करते देखा। उसने बाइक रोकी तो युवक भाग गए। युवती नाम-पता बताने में भी असमर्थ नजर आई तो वह उसे ऑफिस ले गया। वहां अफसरों को घटना बताई व चाइल्ड लाइन को सूचना दी। अफसर भी पहुंच गए। शून्य पर केस दर्ज कर जांच अन्नापूर्णा पुलिस को भेज दी। युवती को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। देर रात उसके परिजन थाने पहुंच गए। कमलनाथ ने कहा : चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट को भ्रमित कर रहा यह भी पढ़ें दुकानदारों से पूछताछ : एएसपी मनीष खत्री के मुताबिक शुक्रवार दोपहर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। दुकानदार, ठेलेवालों से पूछताछ में किसी ने घटना की पुष्टि नहीं की। चपरासी को थाने बुलाया और कहा कि अब सीसीटीवी फुटेज देखते हैं। इस पर वह टूट गया और बताया कि युवती से छेड़छाड़ नहीं हुई। वह तो ऑफिस आने में लेट हो गया था और पुलिस भी बगैर घटना के युवती की मदद नहीं करती। इसलिए छेड़छाड़ की कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने बयान रिकॉर्ड किए हैं

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कार ने मारी बाइक को टक्कर, 2 युवकों की मौत, एक घायल

सलामतपुर में सुबह एक सड़क दुर्घटना में 2 युवकों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। जानकारी के मुताबिक तेज गति से आई एक इनोवा कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इससे मोटरसाइकिल सवार 3 युवकों में से 2 की मौके पर ही मौत हो गई। ADVERTISING inRead invented by Teads इधर घटना से नाराज लोगों ने युवकों के शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। नाराज लोगों ने दोनों मृतकों के शव को थाने के सामने रखा और चक्काजाम किया। ये लोग घायल युवक को अस्पताल में ठीक से इलाज नहीं मिल पाने के कारण भी गुस्सा हुए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी थाने पहुंची। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। एडिशनल एसपी सहित क्षेत्र के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और लोगों को समझा रहे हैं।

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पर्ची देखकर डॉक्टर ही नहीं समझ पा रहे क्या करें जांच, ऐसा है मामला

जयारोग्य अस्पताल में प्रतिदिन हजारों जांचें होती हैं। डॉक्टर सादे कागज की पर्ची पर केवल टेस्ट का नाम लिखकर दे देते हैं। इस कारण माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉक्टरों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि संबंधित डॉक्टर किस हिस्से की जांच, किस उद्देश्य से कराना चाहता है। ADVERTISING inRead invented by Teads ऐसे में विशेष अंग पर फोकस करने की जगह जांच का दायरा बढ़ जाता है और रिपोर्टिंग में टाइम अधिक लगता है। मरीज को रिपोर्ट देरी से मिलने के कारण इलाज भी देरी से शुरू होता है। जेएएच माधव डिस्पेंसरी में ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1800-2000 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 800-1000 रोगियों को तमाम तरह की जांचे लिखी जाती हैं। रक्त संबंधित जांचों में डॉक्टर केवल टेस्ट का नाम लिखकर सादी पर्ची मरीज को थमा देते हैं, जबकि नियमानुसार पर्ची पर मरीज की बीमारी से संबंधित पूरा ब्यौरा लिखना होता है। ताकि जब लैब में जांच हो तो विशेष हिस्से पर फोकस किया जा सके। वायरल से पीड़ित रोज 2 हजार मरीज आ रहे अस्पताल, पलंग का टोटा यह भी पढ़ें यही नहीं डॉक्टर जांच क्यों कराना चाहते हैं, यह भी पर्ची पर नहीं लिखा जाता है। ऐसे में लैब में जब जांच होती है तो दायरा एक विशेष हिस्से से बढ़कर पूरा शरीर हो जाता है। इससे जांच में समय अधिक लगता है और मरीज को रिपोर्ट मिलने में देरी होती है। यदि जांच पर्ची में क्लीनिकल हिस्ट्री लिखी हो तो लैब में जांच करते समय डॉक्टर पूरा फोकस बीमारी से संबंधित जांच पर ही करेगा। इससे रिपोर्ट भी सटीक और जल्दी जाएगी। ये निर्देश दिए खंडवा : निगम का बजट पास, यहां बनेगा मल्टीलेवल पार्किंग और इतवारा में कॉम्प्लेक्स यह भी पढ़ें जीआर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी ने सभी विभागों को 29 सितंबर को पत्र जारी किया है, जिसमें डॉक्टरों से कहा गया है कि जांच पर्ची में मरीज की पूरी जानकारी भरकर ही सेम्पल जांच के लिए भेजा जाए। क्लीनिकल हिस्ट्री नहीं होने पर सेम्पल को स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यदि पर्ची पर सबकुछ लिखा होगा तो रिपोर्ट जल्दी और सटीक मिलेगी।

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HC के निर्देश ताक पर रखकर छलनी कर रहे चंबल का सीना

चंबल की बर्बादी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। माफिया के दबाव में प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट ने निर्देशों को भी ताक पर रख दिया। अगर निर्देशों का पालन होता तो अवैध खनन पर लगाम लग जाती। प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है और माफिया अपने काम को अंजाम दे रहा है। ADVERTISING inRead invented by Teads राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में रेत से लदे सैकड़ों वाहन इस खुले खेल के गवाह हैं। अवैध खनन और परिवहन को रोकने हाईकोर्ट ने जो निर्देश दिए थे, उन्हें कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स ने नहीं माना। टास्क फोर्स में पुलिस, वन, माइनिंग व परिवहन विभाग की संयुक्त टीम को जिम्मा सौंपा गया था। यही नहीं, निर्देशों के पालन की कागजी भरपाई कर हाईकोर्ट को गुमराह भी किया गया। खुद पर पेट्रोल डाल आग लगाने वाली महिला की 21 दिन बाद मौत यह भी पढ़ें नाम की टास्क फोर्स, नहीं हो निर्देश पर अमल 5 मई 2016 को हाईकोर्ट में पेश पालन प्रतिवेदन में कहा गया कि टास्क फोर्स निर्देशों का पालन कर रही है। लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। नतीजतन, रेत का अवैध खनन चरम पर जा पहुंचा है। प्रशासन की पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट में भी हाईकोर्ट ने कई कमियां बताई थीं। हाल ही में डिप्टी रेंजर की माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी थी। इसके बावजूद टास्क फोर्स की करीब आधा दर्जन प्रमुख कमियां उजागर हुईं। बारिश के साथ मानसून विदा, अगले महीने से ठंड की दस्तक यह भी पढ़ें अभी भी अवैध रास्ते हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि चंबल के किनारे बनाए गए अवैध रास्तों को खोद कर नष्ट किया जाए। शासन ने कोर्ट को बताया कि सभी रास्तों को चिन्हित कर नष्ट कर दिया गया है। सभी रास्ते चालू हैं। हाईकोर्ट से शासन ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर हाइवे पर पांच जगहों पर कैमरे लगाए गए हैं। न्यायालय ने इसे अपर्याप्त बताते हुए संख्या बढ़ाने को कहा। लेकिन संख्या बढ़ाने की जगह कैमरों की संख्या घटी दी गई। मुरैना वन नाके पर डिप्टी रेंजर की हत्या के समय एक ही कैमरा मौजूद था। उसका भी डायरेक्शन खराब था। बैग से चोरी हुए थे 45 हजार, बैंक ने 4 महीने में बताया कि खराब है CCTV यह भी पढ़ें नाकों पर कहां है एएसएफ ? कोर्ट ने चंबल के खनन वाले घाटों पर एसएएफ तैनात करने के निर्देश दिए थे। रेत परिवहन रोकने के लिए भी गाइड लाइन दी थी। डिप्टी रेंजर की हत्या वाले दिन यदि एसएएफ नाके पर होती तो यह घटना न घटती। इस दौरान यह भी पता चला कि हाई कोर्ट के आदेश पर एसएएफ के 132 लोगों की जो एक कंपनी मुरैना भेजी गई थी, उसमें से 50 लोग ट्रेनिंग के नाम पर हटा लिए गए थे। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ी, एम्स में भर्ती यह भी पढ़ें केवल नाम की पेट्रोलिंग कोर्ट ने नाव से और पैदल पेट्रोलिंग के निर्देश भी दिए। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वन विभाग दो बोटों से पेट्रोलिंग कर रहा है। होमगार्ड को भी बोट दी गई है। पैदल भी पेट्रोलिंग हो रही है। जबकि सचाई यह है कि होमगार्ड के पास पेट्रोलिंग के लिए कोई बोट तक नहीं है। सोने की चेन और जेब में 22 हजार देखकर दोस्त ने ही कर दी थी हत्या यह भी पढ़ें नहीं हो रही सैटेलाइट से निगरानी कोर्ट ने चंबल में खनन की निगरानी सैटेलाइट के जरिये किए जाने के निर्देश दिए थे। सरकार ने उसे बताया कि सैटेलाइट इमेजनरी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हकीकत यह है कि चंबल में सिर्फ एक बार ड्रोन से निगरानी का ट्रायल हुआ। इसके बाद सैटेलाइट से निगरानी की शुरुआत अब तक नहीं हो पाई है। नहीं बन सका नो-व्हीकल जोन हाई कोर्ट ने नदी को नो-व्हीकल जोन बनाने के निर्देश दिए थे। जिस पर सरकार ने कोर्ट को बताया कि वन विभाग ने नदी के तट क्षेत्र में लोडिंग चार पहिया वाहनों को बंद कर दिया है। घाट से एक किमी के दायरे में बोर्ड लगाए गए हैं। मुनादी कराई गई है। जबकि हकीकत यह है कि नदी के घाट पर जेसीबी और ट्रैक्टरों से खनन हो रहा है, जिसके लाइव वीडियो लोगों ने सोशल मीडिया पर डाले हैं। साल 2017 व 18 में नो-व्हीकल जोन में वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई हुई ही नहीं।

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नहीं हुई सुनवाई, तो लोगों ने कुत्तों को माला पहनाकर जताया विरोध

अघोषित रूप से आवारा कुत्तों को पालना राजधानी के बागमुगलिया एक्सटेंशन स्थित आसाराम नगर रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। रहवासियों ने बताया कि बीते छह माह से क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। दो माह में कुत्तों ने डेढ़ दर्जन लोगों को अपना शिकार बनाया। नगर निगम से लेकर पुलिस प्रशासन तक से मामले पर मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महात्मा गांधी की जयंती पर गांधीवादी तरीके से कुत्तों को माला पहनाई। साथ ही रैली और धरना प्रदर्शन कर अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की। इंदौर का पहला डिस्पोजल फ्री बाजार घोषित हुआ 56 दुकान यह भी पढ़ें रहवासियों ने बताया कि आसाराम नगर फेस-3 स्थित एल-181 मकान में पहले ही चार कुत्तों को पाला जा रहा है। इस मकान को मुबंई में रहने वाली डॉ.सुकन्या राय ने किराये पर लिया। खुंखार हो चुके इन कुत्तों ने कई लोगों को काटा तो कई पर झपटे भी। पहले नगर निगम फिर पुलिस से इसकी शिकायत की गई, लेकिन डॉ. सुकन्या के रौब के चलते कार्रवाई ही नहीं की गई। रहवासियों के अनुसार डॉ. सुकन्या कुत्तों के संरक्षण के लिए एक एनजीओ चलाती है। कुत्तों के पालने के लिए ही किराए पर मकान लिया गया। खुद पर पेट्रोल डाल आग लगाने वाली महिला की 21 दिन बाद मौत यह भी पढ़ें मार्निंग वॉक बंद, समूह में निकलते हैं लोग कुत्तों के आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बागमुगलिया एक्सटेंशन और आसपास के इलाकों के लोगों ने सुबह की तफरी ही बंद कर दी है। दरअसल, सुबह के समय ही कुत्तों के झुंड द्वारा लोगों पर झपटने की घटनाएं सबसे ज्यादा हुई है। उधर, स्कूली बच्चों को भी वैन तक छोड़ने के लिए रहवासी समूह में ही जाते हैं। बारिश के साथ मानसून विदा, अगले महीने से ठंड की दस्तक यह भी पढ़ें झुंड में घूमते हैं कुत्ते बच्चों पर भी कर चुके हमला रहवासी नरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि कॉलोनियों में खेलने वाले बच्चों के लिए भी आवारा कुत्ते खतरनाक साबित हो रहे हैं। करीब एक सप्ताह पहले कुत्तों के झुंड ने पांच साल के बच्चों को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। एक बच्चे को भी काटा। मौके पर मौजूद लोगों ने कुत्तों को भगाया। वहीं शुक्रवार सुबह रुक्मणि रघुवंशी को तफरी के दौरान कुत्ते ने काट लिया। बैग से चोरी हुए थे 45 हजार, बैंक ने 4 महीने में बताया कि खराब है CCTV यह भी पढ़ें 'हमारी सुरक्षा के मामले में कोई कुछ नहीं बोलता' रहवासी कपिल मलिक का कहना था कि कुत्तों के कारण इतने परेशान है कि आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। आंदोलन के माध्यम से हम जिम्मेदार अधिकारियों को चेताने का काम कर रहे हैं। टीकाकरण के बाद भी कुत्तों को काटने का अधिकार है और हमारी सुरक्षा का अधिकार पर कोई कुछ नहीं बोलता। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ी, एम्स में भर्ती यह भी पढ़ें इस मामले का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें एक महिला ने केंद्रीय गांधी मेनका गांधी के एनजीओ पीपुल्स फॉर एनिमल की यूनिट हेड व अपना नाम स्वाति गौरव बताते हुए कुत्तों को फूल व माला नहीं पहनाने की चेतावनी दे रही थी। चेतावनी देने वाले नंबर पर नवदुनिया ने बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मेनका गांधी के एनजीओ का खुद को यूनिट हेड बताते हुए कहा कि मामले की शिकायत एसपी साउथ राहुल लोढ़ा को मेल कर की गई है। उन्होंने बताया कि आंदोलन कर रहे उमाशंकर तिवारी ने जबरन कुत्तों को माला पहनाकर पशु क्रूरता की है। जो नियमों के विरुद्ध है। आंदोलन के बाद निगम ने भी कार्रवाई रहवासियों ने बताया कि आंदोलन के तुरंत बाद नगर निगम हरकत में आया। दोपहर करीब 12 बजे ही निगम ने कुछ कुत्तों को पकड़ा। साथ ही टीकाकरण भी किया। रहवासियों ने बताया कि यदि ऐसी ही समस्या बनी रही तो आगे भी आंदोलन करेंगे। राजधानी में कुत्तों से बड़ी परेशानी शहर में कुत्तों के आतंक के कई मामले सामने आ चुके हैं। बीती फरवरी में गौतम नगर थाना क्षेत्र में डेढ़ वर्षीय बच्चों को कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला था। बीते 29 मार्च को एक ही दिन में 150 लोग को कुत्तों ने काटा था। अरेरा हिल्स राजीव नगर में 8 वर्षीय बच्चे को कुत्तों के झुंड ने अपना शिकार बनाया था। 20 सितंबर को एयरपोर्ट रोड स्थित गोकुल धाम कॉलोनी में खेल रहे छह वर्षीय आदित्य पर कुत्तों ने हमला कर दिया और उन्हें 100 से ज्यादा कांटे लगे।

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कम्प्रेशर ब्लास्ट हादसा : ‘मेरे पास तो दीवार भी नहीं, जहां मम्मी-पापा की तस्वीर लगा सकूं’

पुरानी तस्वीरों में अपने माता-पिता व बहनों को देखकर जिंदगी जी रहा 18 वर्षीय राज, अपनों की तस्वीर हाथ में लेकर कभी खुद को संभालता है, तो कभी रोने लगता है। चार दिन पहले पड़ोसी की दीवार उनके घर पर आकर क्या गिरी, पूरा परिवार ही उजड़ गया। दीवार गिरने से राज सहित उसकी दो छोटी बहनें व माता-पिता मलबे में दब गए। राज को किसी तरह दोस्तों ने बचा लिया। लेकिन उसके माता-पिता व दो बहनें हमेशा के लिए मलबे में खामोश हो गए। ADVERTISING inRead invented by Teads घर रहा नहीं और परिवार उसने खो दिया। हादसे के बाद से राज अपने दोस्तों के साथ ही रह रहा है। उसके चाचा, चाची व अन्य रिश्तेदारों से ज्यादा दोस्त उसका ध्यान रख रहे हैं। यह हुई थी घटना 18 वर्षीय राज सिंह परिहार खुद 12वीं का छात्र है। थाटीपुर की दर्पण कॉलोनी के जे ब्लॉक में वह अपने पिता अंतराम सिंह परिहार, मां उमा, बहनें खुशी और कशिश के साथ खुशहाल जीवन जी रहा था। लेकिन 27 सितंबर रात 1.40 बजे उसकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पड़ोसी के सूने मकान में फ्रीज का कम्प्रेशर फटने से ब्लास्ट हुआ। इससे दूसरी मंजिल की दीवार छात्र के एक मंजिल घर पर आकर गिरी। जिस पर उसका पुराना व जर्जर मकान जमीन में मिल गया। हादसे में परिवार के 5 लोग मलबे में दब गए थे। जिसमें से सिर्फ राज ही अकेला बचा, जबकि उसकी दो छोटी बहनें, माता-पिता ने मलबे में ही दम तोड़ गए। चार दिन 4 साल की तरह लग रहे हैं कभी सोचा नहीं था कि," मैं अपने मम्मी-पापा व बहनों के बिना रहूंगा। कभी पापा हॉस्टल भेजने की बात भी करते थे तो डर लगने लगता था। सोचता था इनके बिना रह सकूंगा भी या नहीं। अब सभी मुझे इस तरह से छोड़कर चले गए। मैं आखिरी बार उनका चेहरा भी नहीं देख पाया। हादसे को अभी सिर्फ चार दिन ही हुए हैं, लेकिन ये मेरे चार साल जैसे गुजरे हैं। पता नहीं कैसे जिंदगी में आगे बढ़ सकूंगा। अभी तो यह दोस्त ही मेरा परिवार हैं।" (जैसा राज ने नईदुनिया को बताया) कब जाऊंगा अपने घर घटना के बाद राज के घर उससे मिलने कई मंत्री, नेता पहुंचे। सभी ने उसे वापस उसका मकान पिता की याद में खड़ा करने का आश्वासन दिया। उसे आर्थिक मदद का सहारा देने का वादा किया। लेकिन चार दिन में जमीनी हकीकत उसे समझ आ गई। पिता के 5 भाई और हैं, लेकिन राज दोस्तों के यहां रहने पर विवश है। 4 दिन में हाल चाल पूछना तो दूर किसी रिश्तेदार ने आकर उसका सीटी स्कैन तक नहीं कराया है। जबकि डॉक्टर ने 24 घंटे के अंदर कराने के निर्देश दिए थे। स्थानीय पार्षद मेहताब कंषाना ने कॉलोनी में मंदिर के पास एक पुराने मकान को खाली कराकर साफ सफाई कर छात्र के लिए तैयार करवाया है। लेकिन छात्र को अभी वहां भी जगह नहीं मिली है। 'मुझे मिले मदद' छात्र राज का कहना है कि मैंने पिता, माता दो छोटी बहनों को खोया है। मेरा जीवन दौराहे पर है। यदि कोई भी मदद मिले तो मुझे मेरे बैंक खाते में मिले। मेरे नाम पर किसी और को मदद न मिल जाए। क्योंकि इस समय मैं उस स्थिति में नहीं हूं, जो किसी पर भी विश्वास कर सकूं।

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सोने की चेन और जेब में 22 हजार देखकर दोस्त ने ही कर दी थी हत्या

गले में सोने की चेन, जेब में 22 हजार रुपए देखकर दोस्त ने ही शराब पिलाकर लूट करने का प्रयास किया। जब लूट नहीं कर सका, तो सिर में दो गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या में एक नाबालिग सहित 4 लोग शामिल थे। पुलिस ने मंगलवार को मामले का खुलासा किया है। तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर दो कट्टे, दो कारतूस, लूटा गया पर्स और 810 रुपए बरामद कर लिए हैं। एक आरोपी अभी फरार है। ऐसे हुई थी वारदात 29 अगस्त 2018 को महाराजपुरा थानाक्षेत्र स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर एक युवक का शव पुलिस को मिला था। युवक के सिर में दो गोली के घाव थे। शरीर पर घसीटने के भी निशान थे। मृतक की शिनाख्त हजीरा कांचमिल निवासी भानू तोमर (20) के रूप में हुई थी। भानू की जेब से पर्स, गले से सोने की चेन, हाथ से अंगूठियां गायब थीं। सिर में गोली लगने के घाव और शरीर पर मारपीट के निशान मिले थे। जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। कर्जा चुकाने के लिए लूटना चाहते थे जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तब पता लगा कि भानू घटना के एक दिन पहले से लापता था। आखिरी बार उसे अरुण सिंह चौहान निवासी पीएचई कॉलोनी हजीरा व एक अन्य युवक के साथ देखा गया था। अरुण और भानू दोनों अच्छे दोस्त थे। इसलिए पुलिस को उस समय संदेह नहीं हुआ। अभी कुछ दिन पहले अरुण पर कर्जा होने का पता चला। इस पर पुलिस ने अरुण की निगरानी कर उसे सोमवार रात गिरफ्तार किया। पूछताछ में अरुण ने साथी ओपी उर्फ उपेन्द्र सिंह भदौरिया (23)निवासी हजीरा, एक नाबालिग साथी सहित 4 लोगों के साथ मिलकर हत्या करना कबूल कर लिया। अरुण ने खुलासा किया कि उस पर एक लाख रुपए का कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। भानू के गले में सोने की चेन, अंगुलियों में अंगूठियां देखकर उसके मन में लालच आ गया। 28 अगस्त को भानू की जेब में 22 हजार रुपए होने का पता लगा। इस पर उसे शराब पीने के लिए बुलाया और पहाड़िया पर ले गए। यहां नशे में धुत होने के बाद लूट का प्रयास किया, लेकिन वह भारी पड़ गया। इस पर कट्टे से दो गोली उसके सिर में मारी। शव को घसीटकर ले गए और दूर फेंक दिया। उसके बाद चेन, अंगूठियां और रुपए ले लिए। पुलिस ने ओपी व नाबालिग साथी राजेश (परिवर्तित नाम) को भी गिरफ्तार कर लिया है।

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स्कूल संचालक बच्चों से लगवा रहा आपत्तिजनक नारे

जिले के बदरवास के एक स्कूल का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक क्लासरूम में मासूम बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इसके बाद नारे लगवाए जा रहे हैं। कई नारे देशभक्ति और सामाजिक समरसता वाले हैं, लेकिन 2 नारे आपत्तिजनक लगवाए जा रहे हैं। वीडियो में एक शख्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बच्चों से नारे लगवा रहा है। ADVERTISING inRead invented by Teads जानकारी के मुताबिक वीडियो शिवपुरी जिले के बदरवास के व्हीटी स्कूल का है और इसके संचालक घनश्याम शर्मा खुद ये नारे लगवाएं हैं। यह वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया था। जिसका एक भाग कट करके वायरल हुआ है। इस बारे में जब स्कूल संचालक घनश्याम शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वो एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श मानते हैं। दुनिया को स्वामी विवेकानंद ने हिंदुत्व की चाय पिलाई थी। मेरे स्कूल में उनकी चाय का कप रखा हुआ है। उज्जैन में पेट्रोल के दाम जल्द हो सकते हैं 90 रुपए के पार यह भी पढ़ें मैं बच्चों को मुस्कुराना सिखाता हूं क्योंकि मैं मानता हूं कि व्यक्ति से राष्ट्रपरिवर्तन होगा। मैं कई प्रतियोगिताएं जीत चुका हूं। मैं नियमानुसार चलना चाहता हूं लेकिन सरकार में चाय के बिना कुछ नहीं होता। अपनी नाराजगी बताते हुए उन्होंने कहा कि शिवपुरी के भू अर्जन कार्यालय मेरे साथ बदसलूकी से बात की जाती है। मेरी जमीन का अवैध अधिग्रहण कर लिया गया है। मैंने नियमानुसार हर कोशिश की परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। अब मैं सभी मंचों का सहारा ले रहा हूं।

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