Monday , 9 December 2019

गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का पटना में हुआ निधन….

Loading...

जिस महान गणितज्ञ वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने कभी आइंस्टीन के सिद्धांत को चु्नौती दी थी, उनका आज पटना में निधन हो गया। वे 40 साल से मानसिक बीमारी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित थे। उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज व अस्‍पताल (पीएमसीएच) में दम तोड़ा। उनका अंतिम संस्‍कार राजकीय सम्‍मान के साथ भोजपुर स्थित उनके पैतृक गांव में होगा।

वशिष्‍ठ नारायण सिंह साल 1974 में मानसिक बीमारी के कारण कांके के मानसिक रोग अस्पताल में भर्ती किए गए थे। बाद में 1989 में वे गढ़वारा (खंडवा) स्टेशन से लापता हो गए। फिर, सात फरवरी 1993 को छपरा के :  डोरीगंज (छपरा) में एक झोपड़ीनुमा होटल के बाहर प्लेट साफ करते मिले। बीते साल अक्टूबर में उन्‍हें पीएमसीएच के आइसीयू में भर्ती कराया गया। आज फिर तबीयत बिगड़ने पर उन्‍हें पीएमसीएच लाया गया था।

अस्‍पताल के बाहर घंटों पड़ा रहा शव

वशिष्ठ नारायण सिंह की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल परिसर में बाहर ब्‍लड बैंक के पास रखवा दिया गया था। वहां शोकाकुल स्‍वजनों की मदद को ले पीएमसीएच प्रशासन लापरवाह बना रहा। अस्‍पताल प्रबंधन ने शव ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन तक मुहैया नहीं कराया। पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुंचाने के लिए अस्पताल में मौजूद दलाल छह हजार रुपये की मांग कर रहे थे।

मीडिया की खबर पर जागा अस्पताल प्रशासन

वशिष्‍ठ बाबू का शव घंटों वहीं पड़ा रहा। उनके निधन की खबर मिलते ही मीडिया पहुंची। मीडिया के माध्‍यम से जब अस्‍पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता उजागर की गई तो उसके साथ जिला प्रशासन भी हरकत में आया। जिलाधिकारी के हस्‍तक्षेप पर स्‍वजनों को एंबुलेंस मुहैया कराई गई।

अस्‍पताल प्रबंधन का लापरवाही से इनकार

पीएमसीएच प्रशासन ने पहले तो कहा कि वशिष्ठ नारायण सिंह को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। लेकिन, जब उनके स्‍वजनों ने अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाया तो अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध ली। हालांकि, अस्‍पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है।

राजकीय सम्‍मान के साथ होगा अंतिम संस्‍कार

वशिष्‍ठ नारायण सिंह के निधन से भोजपुर जिला मुख्‍यालय स्थित प्रंखड के बसंतपुर गांव स्थित उनके पैतृक घर पर शोक का माहौल है। स्‍वजन व ग्रामीण वहां शव के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शव को उनके पटना स्थित आवास से वहां ले जाया जाएगा, जहां राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार होगा। इसके लिए राज्‍य सरकार ने विशेष पत्र जारी किया है।

सीएम नीतीश सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

वशिष्‍ठ नारायण सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताते हुए उन्‍हें महान विभूति बताया। नीतीश कुमार ने कहा कि वशिष्ठ बाबू ने अपने साथ बिहार का नाम रोशन किया है। बिहार के प्रति निष्ठावान व्यक्ति थे वशिष्ठ बाबू। उनके निधन को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने समाज की अपूरणीय क्षति बताया है।

कॉपी-पेंसिल थे सबसे अच्छे दोस्त

बता दें कि तकरीबन 40 साल से मानसिक बीमारी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह पटना के एक अपार्टमेंट में गुमनामी का जीवन बिता रहे थे। मौत से कुछ दिनों पहले तक भी किताब, कॉपी और एक पेंसिल उनके सबसे अच्छेदोस्त रहे। कहा जाता है कि अमरीका से वह अपने साथ 10 बक्से किताबें लाए थे, जिन्हें वे पढ़ते रहते थे। बाकी किसी छोटे बच्चे की तरह ही उनके लिए तीन-चार दिन में एक बार कॉपी-पेंसिल लानी पड़ती थी।

कौन थे वशिष्‍ठ नारायण सिंह, जानिए

Loading...

दोअप्रैल 1946 : जन्म।

1958 : नेतरहाट की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान.1963 : हायर सेकेंड्री की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान।

1964 : पटना विश्वविद्यालय ने नियम बदलकर इन्हें एक साल में दी थी बीएससी आनर्स की डिग्री

1965 : पटना साइंस कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसीपल प्रो जी नाथ की सिफारिश पर अमेरिकन साइंटिस्ट प्रो  केली मिले, प्रतिभा देख अमेरिका भेजने का अनुरोध प्रो नाथ से किया।

1965 : बर्कले विश्वविद्यालय से नामांकन पत्र मिला।अगले साल नासा से जुड़े।

1967 : कोलंबिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमैटिक्स में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।

1969 : द पीस ऑफ स्पेस थयोरी से आइंस्टीन की थ्योरी को चैलेंज किया।  इसी पर पीएचडी मिली।

1971 : भारत भारत लौटे।

1972 : आइआइटी कानपुर में प्राध्यापक बने।

8 जुलाई 1973 : शादी हुई।

1974 :  मानसिक बीमारी की जांच शुरू। कांके (रांची) अस्पताल में कुछ समय के लिए भर्ती हुए।

1989 : गढ़वारा (खंडवा) स्टेशन से लापता।

सात फरवरी 1993 :  डोरीगंज (छपरा) में एक झोपड़ीनुमा होटल के बाहर प्लेट साफ करते मिले।

14 नवंबर 2019: पटना में लंबी बीमारी के बाद मौत।

बेहद रोमांचक और आश्चर्यजनक जानकारियों के लिए नीचे फोटो पर क्लिक करें

loading...
Loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com