Tuesday , 22 October 2019

1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था 55-60 साल में बनी, 5 साल में हमनें इतना जोड़ा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले पांच साल में भारत को पांच लाख करोड़ (पांच ट्रिलियन) डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। वाराणसी में उन्होंने कल कहा कि अब गरीबी पर गौरव करने का समय गया। इस लक्ष्य को देशवासियों को सौंपते हुए कहा कि इसे अकेले सरकार नहीं प्राप्त कर सकेगी। जनभागीदारी से ही देश इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। 

इस संबंध में नकारात्मक बातें करने वालों को मोदी ने पेशेवर निराशावादी करार देते हुए उन्हें खारिज किया। उन्होंने दीनदयाल हस्तकला संकुल में भाजपा के राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान की शुरुआत की। विभिन्न वर्ग के पांच लोगों को सदस्यता दिलाते हुए टोल फ्री नंबर 8980808080 की लांचिंग की। 

दीनदयाल हस्तकला संकुल में भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए मोदी करीब एक घंटे के संबोधन में अधिक समय तक बजट की खूबियों को गिनाया। पीएम मोदी ने भाजपा के संगठन से जुड़े लोगों के साथ ही हजारों के समूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का कल बजट जारी किया गया। बजट के बाद सभी को हमारी मंशा स्पष्ट हो गई होगी। हमारा देश तो पहले भी चला और आगे भी बढा, लेकिन अब न्यू इंडिया दौडऩे को बेताब है। इसी को लेकर हमारी तैयारी है। पांच ट्रिलियन इकॉनमी को देश कैसे पा सकता है इसकी दिशा हमने दिखाई है। पीएम मोदी ने भाइयों कल आपने बजट में एक बात सुनी और पढ़ी होगी। एक शब्द गूंज रहा है। हर कोई बोलना शुरू किया है। पांच ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी। आखिर इस लक्ष्य का मतलब क्या है। लोगों का इससे क्या लेना देना है। इसके बारे में जानना जरूर है कि क्योंकि कुछ लोग हैं जो हमारे सामर्थ्य पर शक कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि भारत के लिए यह लक्ष्य पाना मुश्किल है। आशा और निराशा में उलझे लोगों तक अपने भाव पहुंचाना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य रखे जाने से कुछ लोग भारत और भारतीयों की क्षमता पर शक कर रहे हैं। उन्हें इस देश के नागरिकों की क्षमता का अंदाजा नहीं है। जब देश पर अनाज का संकट आया तो पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया। नतीजा हुआ कि इस देश के किसानों ने अनाज के भंडार भर दिए। देश जब 62 और 65 की लड़ाई लड़ रहा था तो देशवासियों ने घर में रखे गहने मां भारती के चरणों में सौंप दिए। ऐसे सामथर्यवान देश के सामने कोई लक्ष्य बड़ा नहीं होता।

उन्होंने कहा कि आखिर फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य का मतलब क्या है, एक आम भारतीय की जिंदगी का इससे क्या लेना-देना है। यह आपके लिए, सबके लिए जानना बहुत जरूरी है। अंग्रेजी में एक कहावत होती है कि साइज ऑफ केक मैटर्स यानि जितना बड़ा केक होगा उसका उतना ही बड़ा हिस्सा लोगों को मिलेगा। इसी कारण हमने भारत की अर्थव्यवस्था को फाइव ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। इसमें बात होगी हौंसले की, नई संभावनाओं की, विकास के यज्ञ की, मां भारती की सेवा की और न्यू इंडिया के सपने की। उन्होंने कहा कि सपने बहुत हद तक फाइव ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य से जुड़े हुए हैं। आज जितने भी विकसित देश हैं, उनमें ज्यादातर के इतिहास को देखें, तो एक समय में वहां भी प्रति व्यक्ति आय बहुत ज्यादा नहीं होती थी लेकिन इन देशों के इतिहास में, एक दौर ऐसा आया, जब कुछ ही समय में प्रति व्यक्ति आय ने जबरदस्त छलांग लगाई। यही वो समय था, जब वो देश विकासशील से विकसित यानि डेवेलपिंग से डेवलप्ड की श्रेणी में आ गए। जब किसी भी देश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है तो वो खरीद की क्षमता बढ़ाती है। खरीद की क्षमता बढ़ती है तो डिमांड बढ़ती है डिमांड बढ़ती है तो सामान का उत्पादन बढ़ता है, सेवा का विस्तार होता है और इसी क्रम में रोजगार के नए अवसर बनते हैं। यही प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, उस परिवार की बचत या सेविंग को भी बढ़ाती है।

 

पांच वर्ष में पांच ट्रिलियन डॉलर के आर्थिक पड़ाव तक जरूर पहुंचाएंगे-

पीएम मोदी ने कहा कि आप किसी सामान्य व्यक्ति के पास समस्या लेकर जाएंगे तो वो आपको समाधान देगा, लेकिन पेशेवर निराशावादियों के पास आप समाधान लेकर जाएंगे तो वो उसे समस्या में बदल देंगे। देश को ऐसे नकारात्मक लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। एक राष्ट्र के के तौर पर हमारे सामूहिक प्रयास हमें पांच वर्ष में पांच ट्रिलियन डॉलर के आर्थिक पड़ाव तक जरूर पहुंचाएंगे। कुछ लोग कहते हैं कि इसकी क्या जरूरत है। यह सब क्यों किया जा रहा है। यह वही वर्ग है जिन्हें हम ‘पेशेवर निराशावादी’ भी कह सकते हैं। हमारे पास कोयला, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल ऊर्जा मौजूद है। इनसे बिजली उत्पादन की क्षमता को आधुनिक तकनीक के उपयोग से हम बढ़ा सकते हैं। इस बार बजट में कचरे से ऊर्जा पैदा करने के अभियान को मजबूती देने के लिए भी प्रावधान किया गया है।

इच्छा शक्ति चाहिए कि जो ठान लिया, वो ठान लिया-

देश बड़े संकल्पों और बड़े लक्ष्य की प्राप्ति से ही आगे बढ़ता है। इच्छा शक्ति चाहिए कि जो ठान लिया, वो ठान लिया। फिर उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए खुद को समर्पित कर देना चाहिए। पांच-छह वर्ष पहले जब उत्तराखंड में तबाही आई थी तो क्या स्थिति थी। तब कहा जाता था कि केदारनाथ में अब यात्री नहीं आ पाएंगे, लेकिन देखिये पहले से ज्यादा यात्री अब वहां दर्शन के लिए जा रहे हैं। इस देश की ताकत को कम आंकना गलत है। जनता की ताकत असंभव को संभव बना सकती है। एक समय था जब देश अनाज के संकट से जूझ रहा था। हमको विदेशों से अनाज मंगवाना पड़ता था। उसी दौर में शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का आह्वान किया और देश के किसानों ने अनाज के भंडार भर दिए। आखिर क्यों हमारा देश बाहर से, खाने वाला तेल मंगवाए। मैं जानता हूं, अगर देश का किसान ठान ले, अपनी जमीन के दसवें हिस्से को भी तिलहन के लिए समर्पित कर दें, तो तेल आयात में बहुत बड़ा फर्क आ जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले क्या किसी व्यक्ति ने सोचा था कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में भारत का स्थान 142 से 77 हो जाएगा। प्रत्यक्ष विदेश निवेश को लेकर भी हमने लक्ष्यों को प्राप्त करके दिखाया। पांच वर्ष में हमारी सरकार ने डेढ़ करोड़ से अधिक गरीबों को पक्के घर दिए हैं। अगर पहले की सरकारों के समय वाली रफ्तार रहती तो एक-दो पीढ़ी और इन घरों को बनाने में निकल जाती, लेकिन हमने दिखाया है कि तेज गति से काम कैसे किया जाता है। उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में देश को 60 साल लग गए और उसे हमारी सरकार ने पिछले पांच साल में दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया। विकासशील देश से विकसित देश बनने के लिए भारत अब और लंबा इंतजार नहीं करेगा। सरकार के इस बजट में आने वाले दस साल का विजन शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने जल संचयन और संरक्षण के लिए अपील करते हुए फिजूलखर्ची रोकने का आग्रह किया। वह बोले कि सिंचाई और घरों में पानी की बर्बादी रोकनी होगी। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाएंगे। स्टार्टअप नई अर्थव्यवस्था की धुरी बन रहा है।

 

पांच वर्ष में सौ लाख करोड़ रुपए का निवेश- 

पीएम मोदी ने कहा कि बिजली से चलने वाली गाडिय़ां बनाने, खरीदने और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक गाडिय़ां बनाने वालों को टैक्स में छूट दी गई है। सस्ते घरों के लिए मिडिल क्लास जो होम लोन लेता है उसके ब्याज पर इनकम टैक्स की छूट में डेढ़ लाख रुपए की वृद्धि की गई है। यानी अब होम लोन के ब्याज पर साढ़े तीन लाख रुपए तक की छूट मिल पाएगी। वर्ष 2022 तक हर गरीब बेघर के सिर पर पक्की छत हो इसके लिए सिर्फ गांव में ही लगभग दो करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा। हाईवेज, रेलवेज, एयरवेज, वॉटरवेज, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, गांव में ब्रॉड बैंड की सुविधा इन सभी में आने वाले पांच वर्ष में सौ लाख करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। जल्दी ही आने वाले कुछ वर्षों में गांवों सवा लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। हम 21वीं सदी की बड़ी सभी आवश्यकताओं के अनुसार पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं। अब गांव में उपज के भंडारण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरों में आधुनिक सुविधाओं का निर्माण, हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता का संबंध स्वास्थ्य से तो है ही सुंदरता से भी है। यहां काशी में भी स्वच्छता और सुंदरता का लाभ हम सभी को देखने को मिल रहा है। यहां अब गंगा घाट से लेकर सड़कों और गलियों तक में साफ-सफाई के कारण यहां आने वाले पर्यटक अब बेहतर अनुभव कर रहे हैं। स्वस्थ भारत के लिए आयुष्मान भारत योजना भी बहुत सहायक सिद्ध हो रही है। देश के करीब 50 करोड़ गरीबों के लिए हर वर्ष पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज सुनिश्चित हो रहा है। अब तक लगभग 32 लाख गरीब मरीजों को इसका लाभ मिल चुका है।पांच ट्रिलियन डॉलर के सफर को आसान बनाने के लिए हम स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, सुंदर भारत बनाने पर भी फोकस कर रहे हैं। बीते वर्षों में स्वच्छता के लिए देश के हर नागरिक ने जो योगदान दिया है, उससे स्वस्थ भारत बनाने की हमारी कोशिश को बल मिला है।

जल संरक्षण और जल संचयन अभियान- 

देश के हर घर को पानी मिल सके इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय तो हम बना ही चुके हैं, साथ ही जल शक्ति अभियान भी शुरू किया गया है। इस अभियान का बहुत बड़ा लाभ हमारी माताओं-बहनों को मिलेगा जो पानी के लिए अनेक कष्ट उठाती हैं। जल संरक्षण और जल संचयन के लिए पूरे देश को एकजुट होकर खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। हमारे सामने पानी की उपलब्धता से भी अधिक पानी की फिजुलखर्ची और बर्बादी बहुत बड़ी समस्या है। लिहाजा घर के उपयोग में या सिंचाई में पानी की बर्बादी को रोकना आवश्यक है।

संसदीय क्षेत्र में 27 लाख पौधरोपण अभियान की शुरुआत- 

पीएम ने एयरपोर्ट परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 18 फीट ऊंची ताम्र व मिश्रित धातु की प्रतिमा का अनावरण किया। पंचकोसी मार्ग पर हरहुआ के कन्या विद्यालय में नवग्रह वाटिका के लिए पीपल का पौधा लगाने के साथ ही संसदीय क्षेत्र में 27 लाख पौधरोपण के अभियान की शुरुआत की।

मैं कोई अर्थशास्त्री नहीं-

मोदी ने कहा कि मैं अर्थशास्त्री नहीं, मुझे अर्थशास्त्र का ‘अ’ भी नहीं आता लेकिन यह जानता हूं कि जब देश में समृद्धि आती है तो हर नागरिक अच्छा जीवन जीता है। परिवार की आमदनी बढ़ेगी तो घर के सभी सदस्यों का रहन-सहन बेहतर होगा।

सही रास्ते पर तो हूं-

पीएम ने एक वाकया सुनाया। बोले, एक बार अहमदाबाद में भोर में मैं कहीं के लिए निकला तो एक व्यक्ति पैदल ही जाते हुए मिला और मुझसे पूछा कि मैं साबरमती जा रहा हूं, सही रास्ते पर तो हूं। मैंने बार-बार उससे कहा कि ऐसे पैदल जाने में तीन-चार घंटे लगेंगे। वह व्यक्ति बार-बार मुझे टोकता रहा कि बस ये बता दें कि मैं सही रास्ते पर तो जा रहा हूं। भले ही पांच घंटे लग जाएं। ऐसे ही यह सरकार सही रास्ते पर है, भले ही लक्ष्यों की प्राप्ति में अभी थोड़ा समय लग जाए।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को सराहा-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्यता अभियान में भाजपा के कार्यकर्ताओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां कभी हमारा आधार भी नहीं था, वहां भी संगठन को मजबूत करने के लिए हमारे कार्यकर्ता निरंतर लगे रहे। इसी का परिणाम है कि आज पूर्व, उत्तर पूर्व और दक्षिण भारत में भी सबसे बड़े दल के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता के तौर पर, भाजपा के सदस्य के नाते अपने आपको हमें कभी कम नहीं आंकना चाहिए। भाजपा का कार्यकर्ता कमाल कर सकता है। उनके योगदान से पार्टी काफी आगे बढ़ रही है। 

उन्होंने कहा कि आज मुझे काशी से भाजपा सदस्यता अभियान को आरंभ करने का अवसर मिला। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिन के अवसर पर इस कार्यक्रम का आरंभ होना सोने पर सुहागा है। उनके सपनों को हम पूरा कर सकें। इस आशा के साथ हम उन्हें नमन करते हैं। सदस्यता अभियान का यह कार्यक्रम हमारी काशी में हो रहा है। एक सफल सदस्यता अभियान के लिए काशी के लोगों को शुभकामनाए। शास्त्री जी की मूर्ति का अनावरण फिर पौधरोपण का अभियान भी आज आरंभ हुआ। मैं भी उसका हिस्सा बना हूं।

भाजपा कार्यकर्ताओं को टिप्स-

-दल के साथ देश के दूत बनें।

-सरकार बनाने के लिए नहीं देश बनाने में जुटें।

-सदाचार भाजपा के लिए मजबूरी नहीं जरूरी है।

-समाज के हर वर्ग को दल का हिस्‍सा बनाएं।

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-सभी से जुडि़ए, सभी को जोडि़ए।

-दल को देश के लिए उपयोगी बनाएं।

इस मौके पर पीएम ने एक गीत भी प्रस्तुत किया-

वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है,

उसी से तो मेरे हौंसले की मीनार है।

चुनौतियों को देख कर घबराना कैसा,

इन्‍हीं में तो छिपी संभावना अपार है।

विकास के पथ में परिश्रम की महक है,

यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है।

गरीब अमीर बने नए हिंद की भुजाएं,

बदलते भारत की यही तो पुकार है।

देश पहले भी चला और आगे भी बढ़ा, 

अब न्‍यू इंडिया दौड़ने को बेताब है।

मान महल में निहारी विरासत की भव्यता-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा किनारे 16वीं शताब्दी में आमेर के राजा मान सिंह के मान महल में वर्चुअल म्यूजियम का करीब सवा घंटे तक अवलोकन किया। इस दौरान सभी आठ दीर्घाओं के माध्यम से श्रीकाशी विश्वनाथ का डिजिटल दर्शन, गंगा में दीपदान, हवन तो किया ही साथ ही कला-संगीत की थाती से भी रूबरू हुए। वर्चुअल तकनीक से बनी गलियों में घूमने के साथ ही खान-पान, अंदाज और मिजाज देखते हुए बनारस को महसूस किया।

अकेले 300 से अधिक सीट पाने का मतलब संगठन मजबूत : योगी आदित्यनाथ 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद भाजपा ने अपने मूल्य और आदर्शों से बिना डिगे, बिना हटे भारतीय लोकतंत्र को आगे बढ़ाया। देश में आम जनमानस के विश्वास का प्रतीक हम बन सके हैं। अपनी उपलब्धियों के बल पर अकेले 300 से अधिक सीटों पर विजय पाना संगठन के प्रति निष्ठा और आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिफल है।

 

मोदी का पाना भाजपा के लिए गर्व का क्षण-

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा के लिए यह गर्व का क्षण है कि हमें दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता का नेतृत्व मिला है। प्रधानमंत्री मोदी एक कार्यकर्ता से देश के शीर्ष पद तक पहुंचे। उन्होंने बूथ प्रबंधन का मंत्र संगठन को दिया और लाखों कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत तौर पर संगठन की संस्कृति समझाई है। आइए हम सभी सदस्यता पर्व मनाएं और सदस्यता के मामले में अपना ही रिकार्ड तोड़कर नया रिकार्ड बनाएं। साल 2000 से पहले संगठन का कोई ऐसा कार्यकर्ता नहीं होगा, जिसका आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी से परिचय न हो। आपको ये जानकर खुशी होगी कि जब आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को ये संदेश मिला था कि आपको गुजरात का मुख्यमंत्री पद संभालना है, तो उस वक़्त नरेन्द्र मोदी जी उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में संगठन का काम कर रहे थे। 

 

पीएम नरेंद्र मोदी ने भाजपा सदस्यता अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पांच लोगों को सदस्यता दिलाई। बीजेपी की सदस्यता के लिए टोल फ्री नंबर-8980808080 का भी शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि अब से कुछ देर पहले मुझे एयरपोर्ट पर स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मिला। 

 

यहां पर उसके साथ ही वृक्षारोपण का एक बहुत बड़ा अभियान जो आदरणीय योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुआ है, उसका भी मैं हिस्सा बना। 

 

पंचकोसी मार्ग पर हरहुआ के कन्या विद्यालय में नौग्रह वाटिका के लिए पीपल का पौधा लगाने के साथ ही संसदीय क्षेत्र में 27 लाख पौधरोपण के अभियान की शुरुआत की। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर शास्त्री जी की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा के अनावरण के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नडडा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय मौजूद रहे। इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री भी मौजूद रहे। लंबे समय से शास्त्री जी के गृह जनपद में उनके नाम से बने एयरपोर्ट पर उनकी प्रतिमा लगाने की मांग उठती रही है। 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा राष्ट्रीय सदस्यता अभियान के टोल फ्री नंबर 8980808080 की लॉन्चिग की। इसके साथ ही पांच लोगों से टोल फ्री नंबर पर पर मिस कॉल करवा कर नए सदस्य के तौर पर भाजपा में शामिल कराया गया। इन सभी नए सदस्यों को सदस्यता का प्रतीक प्रमाण पत्र सौंपा गया।

प्रधानमंत्री ने 27 मई को अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों का धन्यवाद करने के लिए वाराणसी का दौरा किया। उन्होंने 4.79 लाख मतों के भारी अंतर से राष्ट्रीय चुनाव जीता था। उन्होंने न केवल अपनी सीट बरकरार रखी, बल्कि 2014 की तुलना में उनकी जीत का अंतर लगभग एक लाख वोटों से बढ़ गया, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को तीन लाख से अधिक मतों से हराया। काशी पहुंचने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर अपने वाराणसी के दौरे की जानकारी दी। बताया कि सदस्यता अभियान कार्यक्रम के दौरान भाजपा सदस्यों से वे काशी में परिचर्चा करेंगे साथ ही एक दिन पूर्व पेश किए गए बजट को लेकर भी संवाद करेंगे। जिसमें भविष्य के भारत के विकास की रुपरेखा भी होगी। वहीं देर रात अन्य ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मानमहल के कार्यक्रम की भी जानकारी दी । जहां वर्चुअल म्यूजियम की विशेषताओं के साथ इसे वाराणसी के लिए एक कल्चरल हेरिटेज भी बताया। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय व भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनका स्वागत किया।

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