बड़ी खबर: जीएसटी से ठीक पहले वित्तमंत्री जेटली ने 2000 के नोट को लेकर कर दी ये घोषणा

बड़ी खबर: जीएसटी से ठीक पहले वित्तमंत्री जेटली ने 2000 के नोट को लेकर कर दी ये घोषणा

अभी हाल में देश में सबसे बड़ा मुद्दा जीएसटी का चल रहा है दरअसल ये मुद्दा बड़ा इसलिए है कि ये हर किसी के जीवन को प्रभावित करेगा जैसा कि हम सब जानते हैं कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने वाला है जो लोगों के रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला देगा। 1 जूलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू होगा। वहीं जैसा कि सरकार ने कई सारे नए नियम लागू किए हैं। सरकार ने आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए आधार को जरूरी कर दिया है।बड़ी खबर: जीएसटी से ठीक पहले वित्तमंत्री जेटली ने 2000 के नोट को लेकर कर दी ये घोषणा

आधार के बिना 1 जुलाई के बाद आप अपना टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। जन वितरण प्रणाली को अब आधार से जोड़ दिया गया है। सभी पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) सब्सिडी पाने वाले लोगों को 1 जुलाई से पहले अपने राशन कार्ड के साथ आधार को जोड़ना होगा। इसी तरह के कई सारे नए बदलाव होने वाले हैं जिसे लेकर लोगों के मन में काफी सवाल भी है और एक डर सा भी है कि उन्‍हें ज्‍यादा मुश्किलों का सामना कहीं न करना पड़ें। ये सभी बदलावों को लेकर बताया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद सरकार का ये सबसे बड़ा फैसला है।

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वहीं दूसरी ओर नए नोटों को लेकर भी आम जनता के मन में कई सारे सवाल पनप रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि क्‍या फिर से 2000 के नोट बंद हो जाएंगे ऐसी कई सारी बातें सामने आ रही हैं तो आज हम आपको बता दें कि इन सब बातों पर न जाए क्‍योंकि सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं ि‍लया है। दरअसल आपको याद होगा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के बाद भी ये घोषण कर सब कुछ साफ कर दिया था कि जो दो हजार के नए नोट चलन में लाए गए हैं, उसे वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

हम सब जानते है कि 9 नवंबर को देशभर में नोटबंदी की घोषणा हुई थी जिसके बाद पुराने पांच सौ और एक हजार के नोट बंद किए गए थें और उनकी जगह नए दो हजार और पांच सौ रुपये के नोट लाए गए थे। वहीं वित्‍तमंत्री जेटली ने बताया कि 3 मार्च 2017 तक 12 लाख करोड़ रुपये चलन में था, जबकि 27 मार्च तक यह रकम 9.921 करोड़ रुपये थी।

साथ में उन्‍होंने ये भी कहा कि नोटबंदी जैसे फैसले का उद्देश्य देश में नई अर्थव्यवस्था का सृजन करना था। इतना ही नहीं वित्‍त मंत्री जेटली ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में भी ये साफ कर दिया था कि अब ‘दो हजार के नोट के चलन से बाहर निकालने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’ तो फिर इस तरह का संसय रखने का कोई मतलब नहीं है और हो सके तो इस तरह की अफवाह पर ध्‍यान न दें क्‍योंकि सरकार अभी इस तरह का कोई फैसला नहीं लेने वाली है जिससे जनता को परेशानी हो।

 

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