Wednesday , 21 November 2018

जम्मू-कश्मीर: भाजपा को मिली अब तक की सबसे बड़ी जीत, जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर सिमटी

जम्मू/श्रीनगर : जम्मू एवं कश्मीर के निकाय चुनाव की मतगणना शनिवार को पूरी हो गई. जम्मू में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि घाटी में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि भाजपा के लिए मुश्किल माने जाने वाली कश्मीर घाटी में भी भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है. जम्मू नगर निगम में भाजपा ने अपने विरोधी दलों का सफाया कर दिया है. यहां पर भाजपा ने अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है. वहीं कांग्रेस सिमटकर तीसरे नंबर पर चली गई है. दूसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा रहा है. हालांकि लेह और कारगिल में भाजपा ने सबसे बुरा प्रदर्शन किया है. यहां उसका खाता भी नहीं खुला है.

75 सदस्यीय जम्मू नगर निगम में बीजेपी ने 43 सीटों पर कब्जा जमाया. इससे पहले इस नगर निगम में उसके पास 25 सीटें थीं. कांग्रेस यहां पर सिर्फ 14 सीटें ही जीत पाई. 2005 के निकाय चुनावों में उसके पास भाजपा से ज्यादा 26 सीटें थीं. तब कांग्रेस ने ये चुनाव पीडीपी के साथ मिलकर लड़ा था. निर्दलीय उम्मीदवारों ने कांग्रेस से ज्यादा 18 सीटें जीती हैं.

जम्मू क्षेत्र में भाजपा ने 212 वार्डो पर, कांग्रेस ने 110 पर, नेशनल पैंथर्स पार्टी ने 13 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 185 वार्डो पर कब्जा किया है. जम्मू क्षेत्र में जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, उधमपुर, पुंछ और रजौरी जिले शामिल हैं. घाटी में कांग्रेस ने 79 वार्डो पर, भाजपा ने 75 पर, निर्दलीय उम्मीवारों ने 71, पीपुल्स कांफ्रेंस ने दो और अन्य ने दो वार्डो पर जीत हासिल की है. घाटी में श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा, बडगाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बांदीपोरा और गांदरबल जिले शामिल हैं. लेह में कांग्रेस ने सभी 13 वार्डो पर कब्जा कर लिया, जबकि कारगिल में कांग्रेस ने छह और निर्दलीयों ने सात वार्डो पर कब्जा किया. यहां पर भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई.

पूर्व मंत्री और पीपुल्स कांफ्रेंस के प्रमुख सजाद गनी लोन द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुपवाड़ा में हंदवाड़ा निकाय समिति चुनाव में सभी 13 वार्डो पर कब्जा जमाया. जीतने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में जुनैद अजीम मट्ट रहे, जिन्होंने नेशनल कांफ्रेंस के चुनाव का बहिष्कार करने के निर्णय से असहमति जताते हुए क्षेत्रीय एनसी छोड़ दी थी. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक हामिद कर्रा की पत्नी आसिफा तारिक कर्रा हारने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में से एक रहीं. निर्वाचन कार्यालय घाटी में सुरक्षा कारणों से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नतीजों की घोषणा के साथ करेगा. कड़े सुरक्षा के बीच, राज्य में चार चरणों में हुए निकाय चुनाव 16 अक्टूबर को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए थे.

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