आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्‍तान की हालत इन दिनों लगातार खराब हो रही है। देश में महंगाई लगातार आसमान छू रही है। दूध जैसी चीजों के दामों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। इसके अलावा दूसरी खाने-पीने की चीजों के दाम भी बेतहाशा रूप से बढ़ गए हैं। इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि कराची डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन ने दूध के दाम में 23 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी कर दी है। इसके पीछे एसोसिएशन का कहना है कि पशुओं को खिलाए जाने वाले चारे और ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं इस वजह से उनके लिए दूध के दाम बढ़ाना मजबूरी थी।दूध की कीमतें

पाकिस्‍तान के अंग्रेजी अखबार द डॉन ने भी इस खबर की पुष्टि की है। दूध के दामों में हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद अब वहां पर इसकी कीमत 120 से 180 रुपये लीटर तक हो गई है। दूध जैसी चीजों के दामों में हुई वृद्धि की बदौलत आम जन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालां‍कि, कराची फार्मर्स एसोसिएशन दूध के दामों में तेजी को लेकर काफी समय पहले ही संकेत दे दिए थे। इसके लिए उन्‍होंने सरकार से भी आग्रह किया था, लेकिन सरकार इस निर्णय कर पाने में नाकाम रही। लिहाजा अपरनरी मजबूरी बताते हुए एसोसिएशन ने दूध के दामों में तेजी कर दी। बावजूद इसके प्रशासन दूध की कीमत में हुई तेजी को मानने से इनकार कर रहा है।

आपको बता दें कि पाकिस्‍तान बीते पांच वर्षों के दौरान सबसे अधिक आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा है। पाकिस्तान में महंगाई पिछले पांच साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मार्च महीने में महंगाई 9.4 फीसदी तक पहुंच गई। महंगाई बढ़ने, रुपये में गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाकर 10.75 फीसदी कर दी है। वहीं दूसरी तरफ उस पर एफएटीएफ की तलवार भी लटकी है जो उसको काली सूची में डाल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पाकिस्‍तान भूखमरी तक का शिकार हो सकता है। यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि सऊदी अरब की तरफ से पाकिस्‍तान को अरबों रुपये की मदद दी गई है, लेकिन इससे भी कुछ फर्क पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है।

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पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (पीबीएस) के मुताबिक, मार्च 2019 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई बढ़कर 9.4 फीसदी पर पहुंच गई। पीबीएस का कहना है कि इस दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें पाकिस्तान में महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह हैं। पिछले तीन महीने में ताजी सब्जियों, फलों और मांस के दाम खासकर शहरों में लगातर बढ़े हैं। जुलाई से मार्च के दौरान औसत महंगाई साल दर साल आधार पर 6.97 फीसदी बढ़ी है। प्रशासन की पकड़ वहां की महंगाई पर कितनी है इसका अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि प्रशासन ने दूध की कीमत 94 रुपये प्रति लीटर तय की है। इसको लेकर निर्देश भी दिए जा चुके हैं, लेकिन दूध बेचने वाले इन आदेशों को नकारते हुए अपनी मन मर्जी के मुताबिक दूध बेच रहे हैं।

हालांकि प्रशासन की तरफ से अधिक कीमत पर दूध बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। अब तक प्रशासन ने एक लाख से अधिक रुपये की जुर्माना राशि भी वसूल की है। वहीं एक को गिरफ्तार भी किया है।